Mujhe Rang De Maula Lyrics in Hindi, Roman & Urdu | Full Naat - Owais Raza Qadri

मुझे रंग दे मौला लिरिक्स हिंदी में | Mujhe Rang De Maula Lyrics in Hindi & English | Owais Raza Qadri

"मुझे रंग दे मौला" एक बेहद खूबसूरत और दिलकश इस्लामिक नात शरीफ है जो अल्लाह की बारगाह में पूरी इंसानियत के साथ अपने आप को सौंपने की दुआ है। इस नात के बोल अरबी-फ़ारसी और उर्दू के मिश्रण से बने हैं जो सुनने वाले के दिल को सुकून और रूह को ताज़गी देते हैं।

इस नात को ओवैस रज़ा क़ादरी और ज़ोहैब अशरफ़ी ने अपनी मधुर आवाज़ में पेश किया है। यह नात खासतौर पर महफ़िले-मीलाद, जुमे की नमाज़ के बाद और रमज़ान शरीफ में बड़े शौक से पढ़ी और सुनी जाती है।

इस पोस्ट में आपको मुझे रंग दे मौला के हिंदी लिरिक्स, रोमन अंग्रेज़ी ट्रांसलिट्रेशन, नात का मतलब (meaning), और नात ख्वानों की जानकारी मिलेगी।

विवरण जानकारी
नात का नाम मुझे रंग दे मौला (Mujhe Rang De Maula)
नात ख्वान ओवैस रज़ा क़ादरी, ज़ोहैब अशरफ़ी
प्रकार (Genre) नात शरीफ (Islamic Devotional Poetry)
भाषा उर्दू / हिंदी / रोमन English
मौका मीलाद, रमज़ान, जुमा महफ़िल
लिरिक्स भाषाएं हिंदी, रोमन English, उर्दू

मुझे रंग दे मौला लिरिक्स हिंदी में

मौला मौला ! रंग दे मौला ! मौला मौला !
मौला ! मौला ! मौला !

मुझे रंग दे, मुझे रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे
मौला ! रंग दे, मौला ! रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे

तू करीम है, तू रहीम है, तेरी ज़ात सब से 'अज़ीम है
नहीं तुझ सा कोई भी दूसरा, तू ख़बीर है, तू 'अलीम है

मुझे रंग दे, मुझे रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे

ये लताफ़तें, ये 'इनायतें हैं तेरे करम की वज़ाहतें
जो चमन है तो नसीम है, जो गुलों में है तो शमीम है

मुझे रंग दे, मुझे रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे

तू ब'ईद भी, तू क़रीब भी, तू मुहिब भी है, तू हबीब भी
तू हरारत-ए-दिल-ए-'आशिकाँ, तू निशान-ए-'अक़्ल-ए-सलीम है

मुझे रंग दे, मुझे रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे

तू है राज़ ज़ात-ओ-सिफ़ात का, तू है रंग बज़्म-ए-हयात का
कहीं शान-ए-ख़िल्क़-ए-मुहम्मदी, कहीं हुस्न-ए-नुत्क़-ए-कलीम है

मुझे रंग दे, मुझे रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे

तू हबीब भी, तू हफ़ीज़ भी, तू रहीम भी, तू करीम है
तू बसीर भी, तू नसीर भी, तू कबीर है, तू हलीम है

मुझे रंग दे, मुझे रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे

तू मेरे ख़याल के गुल्शनों में बसा मिसाल-ए-शमीम है
तू मेरे यक़ीन की वुस'अतों में ख़िराम-ए-मौज-ए-नसीम है

मुझे रंग दे, मुझे रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे

है दु'आ-ए-बिस्मिल-ए-नीम-जाँ कि मेरी ख़ताओं को बख़्श दे
है मुझे तो तेरा ही आसरा, तू रहीम है, तू करीम है

मुझे रंग दे, मुझे रंग दे, मुझे अपने रंग में रंग दे
مَولا مَولا ! رَنگ دے مَولا ! مَولا مَولا !

Mujhe Rang De Maula Lyrics in Roman English (Transliteration)

maula maula ! rang de maula ! maula maula !

mujhe rang de, mujhe rang de
mujhe apne rang me.n rang de
maula ! rang de, maula ! rang de
mujhe apne rang me.n rang de

tu kareem hai, tu raheem hai
teri zaat sab se 'azeem hai
nahi.n tujh saa koi bhi doosra
tu KHabeer hai, tu 'aleem hai

mujhe rang de, mujhe rang de
mujhe apne rang me.n rang de

ye lataafate.n, ye 'inaayate.n
hai.n tere karam ki wazaahate.n
jo chaman me.n hai to naseem hai
jo gulo.n me.n hai to shameem hai

mujhe rang de, mujhe rang de
mujhe apne rang me.n rang de

tu ba'eed bhi, tu qareeb bhi
tu muhib bhi hai, tu habeeb bhi
tu haraarat-e-dil-e-'aashiqaa.n
tu nishaan-e-'aql-e-saleem hai

mujhe rang de, mujhe rang de
mujhe apne rang me.n rang de

tu hai raaz zaat-o-sifaat ka
tu hai rang bazm-e-hayaat ka
kahi.n shaan-e-KHilq-e-muhammadi
kahi.n husn-e-nutq-e-kaleem hai

mujhe rang de, mujhe rang de
mujhe apne rang me.n rang de

tu habeeb bhi, tu hafeez bhi
tu raheem bhi, tu kareem hai
tu baseer bhi, tu naseer bhi
tu kabeer hai, tu haleem hai

mujhe rang de, mujhe rang de
mujhe apne rang me.n rang de

tu mere KHayaal ke gulshano.n me.n basa misaal-e-shameem hai
tu mere yaqeen ki wus'ato.n me.n KHiraam-e-mauj-e-naseem hai

mujhe rang de, mujhe rang de
mujhe apne rang me.n rang de

hai du'aa-e-bismil-e-neem-jaa.n
ki meri KHataao.n ko baKHsh de
hai mujhe to tera hi aasra
tu raheem hai, tu kareem hai

mujhe rang de, mujhe rang de
mujhe apne rang me.n rang de

मुझे रंग दे मौला का मतलब (Meaning in Hindi)

यह नात अरबी और फ़ारसी के कुछ मुश्किल शब्दों से भरी है। नीचे हमने मुख्य शब्दों और पंक्तियों का आसान हिंदी में मतलब समझाया है:

उर्दू / अरबी शब्द हिंदी में मतलब
मौला (Maula) मालिक, आका, पालनहार — यहाँ अल्लाह के लिए इस्तेमाल हुआ है
रंग दे (Rang De) रंग में रंग देना यानी अपनी मुहब्बत, इबादत और नूर में डुबो देना
करीम (Kareem) बेहद दयालु, अत्यंत दानी — अल्लाह के 99 नामों में से एक
रहीम (Raheem) बहुत मेहरबान, रहम करने वाला — अल्लाह का एक नाम
अज़ीम (Azeem) सबसे महान, सबसे बड़ा
ख़बीर (Khabeer) हर चीज़ से खबरदार, सब कुछ जानने वाला
अलीम (Aleem) सर्वज्ञ, सब कुछ जानने वाला
लताफ़त (Lataafat) नज़ाकत, सुंदरता, मेहरबानी
इनायत (Inayat) कृपा, उपकार, मेहरबानी
नसीम (Naseem) ठंडी सुहानी हवा
शमीम (Shameem) खुशबू, सुगंध
बिस्मिल-ए-नीम-जाँ वह जो ज़ख्मी है और आधी जान बाकी है — यानी गुनाहगार इंसान जो अल्लाह से माफी माँग रहा है
💡 नात का मूल संदेश:

यह नात अल्लाह की बारगाह में एक गुनाहगार बंदे की दुआ है। शायर कह रहा है — "ऐ मेरे मालिक, तू करीम है, रहीम है, महान है। मैं तेरे दर का भिखारी हूँ। मुझे अपने इबादत के रंग में रंग दे, अपनी रहमत से मेरी ख़ताओं को माफ़ कर दे।" यह नात तौबा और अल्लाह से क़ुर्बत की चाहत का बेहतरीन इज़हार है।

नात ख्वानों के बारे में

🎤 ओवैस रज़ा क़ादरी (Owais Raza Qadri)

ओवैस रज़ा क़ादरी का जन्म 22 मार्च 1970 को कराची, पाकिस्तान में हुआ। वे दुनिया के सबसे मशहूर और मक़बूल नात ख्वान माने जाते हैं। उनकी आवाज़ में एक ऐसा जादू है जो सुनने वाले को तुरंत अल्लाह की याद दिला देता है। ओवैस रज़ा क़ादरी ने अब तक हज़ारों नातें गाई हैं और दुनिया के 100 से ज़्यादा देशों में महफ़िले-नात में शिरकत की है। उनकी गाई नातें YouTube पर अरबों बार देखी जा चुकी हैं। "मुझे रंग दे मौला", "या नबी सलाम अलैका", और "मदीने वाले" उनकी सबसे मशहूर नातों में से हैं।

🎤 ज़ोहैब अशरफ़ी (Zohaib Ashrafi)

ज़ोहैब अशरफ़ी पाकिस्तान के एक उभरते और बेहद प्रतिभाशाली नात ख्वान हैं। उन्होंने ओवैस रज़ा क़ादरी के साथ कई खूबसूरत नातें गाई हैं। उनकी आवाज़ में गहराई और खुलूस है जो श्रोताओं के दिलों को छू लेती है। "मुझे रंग दे मौला" में उनकी और ओवैस रज़ा क़ादरी की आवाज़ों का मेल इस नात को और भी दिलकश बना देता है।

▶️ YouTube पर सुनें — Mujhe Rang De Maula

नीचे दिए गए वीडियो में "मुझे रंग दे मौला" नात को ओवैस रज़ा क़ादरी की आवाज़ में सुनें:



❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: मुझे रंग दे मौला नात किसने गाई है?

यह नात मशहूर नात ख्वान ओवैस रज़ा क़ादरी और ज़ोहैब अशरफ़ी ने गाई है। दोनों पाकिस्तान के बेहद मक़बूल नात ख्वान हैं।

Q: मुझे रंग दे मौला का मतलब क्या है?

"मुझे रंग दे मौला" का मतलब है — ऐ मेरे मालिक (अल्लाह), मुझे अपने रंग में रंग दे। यानी मुझे अपनी इबादत, मुहब्बत और नूर में डुबो दे और मेरी ख़ताओं को माफ़ कर दे।

Q: यह नात किस मौके पर पढ़ी जाती है?

यह नात महफ़िले-मीलाद, रमज़ान शरीफ, 12 रबी-उल-अव्वल और जुमे की महफ़िलों में बड़े शौक से पढ़ी और सुनी जाती है।

Q: Mujhe Rang De Maula lyrics PDF download कैसे करें?

इस पेज पर दिए गए लिरिक्स को आप कॉपी कर सकते हैं। PDF के लिए अपने ब्राउज़र में Ctrl+P दबाएं और "Save as PDF" चुनें।

Q: ओवैस रज़ा क़ादरी की सबसे मशहूर नातें कौन सी हैं?

ओवैस रज़ा क़ादरी की सबसे मशहूर नातों में "मुझे रंग दे मौला", "या नबी सलाम अलैका", "हर दम उल्फ़त रसूल", "मदीने वाले" और "सल्ले अला" शामिल हैं।

हमें उम्मीद है कि मुझे रंग दे मौला हिंदी लिरिक्स की यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी। अगर आप किसी और नात या मन्क़बत के लिरिक्स ढूंढ रहे हैं तो हमारी वेबसाइट Naat Lyrics World पर ज़रूर विज़िट करें। अपने दोस्तों और परिवार के साथ यह नात WhatsApp और Facebook पर शेयर करें ताकि वे भी इस खूबसूरत नात का लुत्फ़ उठा सकें। 🤲

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